करदाताओं के लिए जरूरी खबर: आईटीआर फाइलिंग सीजन शुरू, आयकर विभाग ने जारी किए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म

आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म जारी कर दिए हैं। करदाता अब ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अपनी रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
आईटीआर फाइलिंग प्रक्रिया और इसके फायदे करदाता आईटी विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल से इन ऑफलाइन यूटिलिटीज को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके जरिए वे अपनी आय और कर का विवरण ऑफलाइन दर्ज कर सकते हैं और अपनी कर देनदारी की सटीक गणना कर सकते हैं। इसके बाद, एक JSON फाइल जनरेट करके उसे ई-फाइलिंग वेबसाइट पर सबमिट और वेरिफाई करने के लिए अपलोड किया जा सकता है। ITR-1 फॉर्म किसके लिए है?. यह उन निवासी व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है। इस फॉर्म का उपयोग वे करदाता कर सकते हैं जिनकी आय का स्रोत वेतन, पेंशन, अधिकतम दो घर की संपत्ति और बैंक ब्याज जैसे अन्य स्रोत हैं। इस श्रेणी के तहत 5,000 रुपये तक की कृषि आय की भी अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त, वे करदाता भी ITR-1 का उपयोग कर सकते हैं जिन्हें धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ हुआ है। ITR-4 फॉर्म किसके लिए है?. यह फॉर्म उन निवासी व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और सीमित देयता भागीदारी (LLP) को छोड़कर अन्य फर्मों पर लागू होता है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। यह विशेष रूप से उन करदाताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रकल्पित कराधान योजनाओं का विकल्प चुनते हैं। ITR-1 की तरह ही, धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ वाले करदाता भी इस फॉर्म का उपयोग करने के पात्र हैं।
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