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अभिषेक बनर्जी पर FIR: अमित शाह पर टिप्पणी और भड़काऊ भाषणों का मामला

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ भाषण और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति कथित धमकी भरी भाषा के इस्तेमाल को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कई चुनावी रैलियों को संबोधित किया था। आरोप है कि इन रैलियों में उन्होंने बेहद आक्रामक और भड़काऊ भाषण दिए थे। इसी मामले में उनके खिलाफ विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है कि उनके भाषणों से समाज में नफरत फैल सकती थी और सार्वजनिक शांति भंग हो सकती थी। इसके अलावा, उन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ धमकी भरे शब्द इस्तेमाल करने का भी बहुत गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायत किसने दर्ज कराई?. टीएमसी नेता के खिलाफ यह अहम शिकायत राजीव सरकार नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने दर्ज कराई है। राजीव सरकार ने चुनाव के नतीजे आने के ठीक एक दिन बाद यानी पांच मई को बागुईहाटी पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को अपनी बात साबित करने के लिए अभिषेक बनर्जी के कई विवादित भाषणों के वीडियो लिंक भी सबूत के तौर पर सौंपे हैं। इन्ही सबूतों के आधार पर पुलिस ने आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की है। ये भी पढ़ें- Petrol-Diesel: सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगाया तीन रुपये का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, डीजल पर दी राहत कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?. पुलिस ने इस पूरी शिकायत की जांच करने के बाद 15 मई को दोपहर 2.45 बजे विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई सख्त धाराओं जैसे 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही उन पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 भी लगाई गई है। पुलिस की एफआईआर में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बहुत आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया था। एफआईआर में क्या गंभीर बातें?. पुलिस की एफआईआर में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अभिषेक बनर्जी के भाषणों में ऐसी भड़काऊ और धमकी भरी बातें थीं, जो समाज में सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा करने और सांप्रदायिक सौहार्द (भाईचारा) बिगाड़ने की क्षमता रखती थीं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिंघा रॉय को सौंपी है।

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