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Raipur: महिला आरक्षण पर सचिन पायलट बोले-पाखंड

महिला आरक्षण के विशेष विधानसभा सत्र को लेकर सचिन पायलट ने इसे पाखंड और झूठ की कोशिश बताया।

रायपुर में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सचिन पायलट का निशाना साफ रहा।

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। पायलट ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कहा कि यह कदम उनके मुताबिक पाखंड और झूठ को अमल में लाने की कोशिश है, जिसे बेनकाब करने की तैयारी कांग्रेस करेगी।

पायलट ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण एक संवैधानिक संशोधन से जुड़ा विषय है और उनके अनुसार इसे तीन साल पहले ही पारित किया जा चुका था। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने इसे बेवजह लंबित रखा, जिससे समय पर आगे बढ़ने की राह प्रभावित हुई।

यहां सबसे बड़ा सवाल यही बनता है कि सियासी घोषणाओं और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच दूरी क्यों बढ़ती है। जब एक मुद्दा लंबे समय से अटका रहे, तो राजनीतिक भरोसे पर असर पड़ता है।

पायलट ने आरोप जोड़ा कि महिला आरक्षण की आड़ में सरकार पहले जनगणना से पहले परिसीमन कराने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती थी। उनके मुताबिक इस मसले पर पूरा विपक्ष एकजुट होकर विरोध में आया था और अब भी कांग्रेस अपने रुख पर कायम है।

पायलट के इस बयान के पीछे संकेत यह भी है कि विपक्ष विधानसभा सत्रों को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस राजनीतिक जवाबदेही से जोड़कर देखना चाहता है। जनता की नजर में प्रक्रिया की पारदर्शिता ही सबसे अहम रहती है।

पायलट ने यह बात भी रेखांकित की कि कांग्रेस अपने संकल्प पर अडिग है और महिला आरक्षण से जुड़े मामलों में सरकार की मंशा पर सवाल उठाती रहेगी। उनके अनुसार, जिस तरह से विषय को समय-समय पर टालने की कोशिश हुई, वह कांग्रेस के लिए अस्वीकार्य है।

इन दावों के बीच रायपुर में चर्चा तेज हो गई है कि महिला आरक्षण को लेकर आगे का राजनीतिक रास्ता क्या होगा। Misryoum के मुताबिक इस तरह के बयान सार्वजनिक बहस को नई धार देते हैं और मुद्दे के राजनीतिक अर्थ भी बदल जाते हैं।

अंत में, सचिन पायलट के आरोपों की राजनीतिक पृष्ठभूमि यह दिखाती है कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर भी सियासी टकराव कम होने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे वक्त में समाज के लिए यह देखना जरूरी है कि वादे प्रक्रिया में कैसे बदलते हैं, और किसकी प्राथमिकता वास्तविक है।