MI vs SRH: हैदराबाद ने आईपीएल इतिहास का चौथा सबसे बड़ा लक्ष्य साधा, MI को छठी हार

MI ने 243/5 बनाए, SRH ने 18.4 ओवर में 249/4 बनाकर 6 विकेट से जीत दर्ज की। ट्रेविस हेड और हेनरिक क्लासेन ने कमाल किया; MI छठी बार हारी और नौवें स्थान पर रही।
मुंबई के वानखेड़े में एक बार फिर बड़ा स्कोर बना, लेकिन उसे बचाना मेजबानों के लिए मुश्किल साबित हुआ।
MI vs SRH के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने रनचेज की बड़ी दीवार खड़ी करते हुए आईपीएल इतिहास का चौथा सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज कर लिया—और इसी के साथ मुंबई इंडियंस को छठी हार देकर अंक तालिका में बड़ा झटका दिया। इस जीत के बाद हैदराबाद का आत्मविश्वास और बढ़ा, क्योंकि इस सीजन में यह उनकी लगातार पांचवीं सफलता रही।
बुधवार को टॉस जीतकर मुंबई ने पहले बल्लेबाजी की। रेयान रिकेल्टन की नाबाद अंदाज वाली बल्लेबाजी और रेगुलर साझेदारियों के दम पर MI ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन खड़े किए। शुरुआत में विल जैक्स और रिकेल्टन की जोड़ी ने रफ्तार पकड़कर 43 गेंदों में 93 रन जोड़े। जैक्स 46 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन रिकेल्टन ने पारी को आगे बढ़ाने का काम अपने हाथों में लिया। इसके बाद सूर्यकुमार यादव पांच रन बनाकर लौटे, फिर रिकेल्टन ने नमन धीर के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी की। वहीं हार्दिक पांड्या के साथ मिलकर उन्होंने स्कोर को तेज करते हुए आखिर में MI का दोहरा शतक भी पूरा कराया। अंत में रिकेल्टन 123 रन बनाकर नाबाद रहे, जिनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल थे।
लक्ष्य के जवाब में हैदराबाद के लिए शुरुआत बेहद असरदार रही। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने पारी के शुरुआती हिस्से में ही दबाव बना दिया और 8.4 ओवर में 129 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अभिषेक 45 रन बनाकर आउट हुए—उनके बल्ले से तीन छक्के और चार चौके निकले। ट्रेविस हेड ने इससे भी अधिक आक्रामक खेल दिखाते हुए 30 गेंदों में 76 रन जोड़े, जिसमें आठ छक्के और चार चौके शामिल थे। हालांकि इस सीजन की रनचेज रणनीति में एक उतार-चढ़ाव आता है, और हैदराबाद ने भी उसी चरण में अपना तीसरा विकेट गंवा दिया। स्कोर 133 पर तीसरा विकेट गिरा। इसके बाद जिम्मेदारी हेनरिक क्लासेन ने संभाली और नीतीश रेड्डी के साथ चौथे विकेट के लिए 40 गेंदों में 80 रन जोड़कर टीम को 213 तक ले गए।
इसी बीच माहौल बदलने का असली संकेत क्लासेन के कट्टर इरादों से मिला। नीतीश रेड्डी 21 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन क्लासेन ने सलिल अरोड़ा के साथ मिलकर पारी को खत्म करने की दिशा में रखा। सलिल अरोड़ा ने 10 गेंदों में 30 रन बनाए, जबकि क्लासेन 65 रन बनाकर नाबाद रहे—उनके बल्ले से चार छक्के और सात चौके निकले। क्लासेन और सलिल की यह अटूट साझेदारी उन क्षणों की कहानी कहती है, जब टारगेट बड़ा हो और समय कम—फिर भी गियर बदलना पड़ता है।
मैदान पर गेंदबाजी पक्ष की बात करें तो मुंबई की ओर से गजनफर ने सबसे ज्यादा दो विकेट लिए। ट्रेंट बोल्ट और हार्दिक पांड्या ने भी 1-1 विकेट अपने खाते में जोड़े। फिर भी, इतने बड़े रनचेज में शुरुआती सेटअप और बीच के ओवरों में साझेदारियों ने पूरी स्क्रिप्ट पलट दी।
इस मैच का असर सिर्फ एक जीत या एक हार तक सीमित नहीं रहा। हैदराबाद ने 18.4 ओवर में 4 विकेट पर 249 रन बनाकर मुकाबला जीता—यानी लक्ष्य को 20 ओवर की लाइन के पहले ही पार कर लिया गया। आईपीएल में ऐसे चेज अक्सर बताते हैं कि टीमें स्कोर को समझकर खेल रही हैं या सिर्फ रन बना रही हैं। हैदराबाद की जीत में “टॉप ऑर्डर का दबाव” और “मिडल फेज में विकेटों का कंट्रोल” दोनों साथ रहे। यह भी महत्वपूर्ण है कि सीजन में लगातार जीत के बाद टीम का कॉन्फिडेंस बढ़ता है—और बल्लेबाज खुद के प्लान पर और निर्भर हो जाते हैं।
अंक तालिका में भी स्थिति साफ है। सनराइजर्स हैदराबाद 12 अंक और +0.832 के नेट रन रेट के साथ तीसरे स्थान पर पहुंची। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस छह मैचों में हार के बाद नौवें पायदान पर खिसक गई। शीर्ष पर पंजाब किंग्स का दबदबा और दूसरे स्थान पर आरसीबी की मौजूदगी के बीच, यह जीत हैदराबाद को प्लेऑफ की दौड़ में और ठोस बनाती दिखी।
कुल मिलाकर MI vs SRH का यह मुकाबला याद रहेगा क्योंकि यहां केवल रन नहीं बने, बल्कि एक बड़ा लक्ष्य इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ। मुंबई के लिए यह सवाल जरूर छोड़ता है कि इतने बड़े स्कोर पर दबाव कैसे बनाए रखा जाए—और हैदराबाद के लिए जवाब यही है कि सही समय पर सही बल्लेबाजी और सही साझेदारी टीम का रास्ता बदल देती है।