हिमाचल बस दुर्घटना: चालक को हार्ट अटैक, नूरपुर में पलटी बस

पठानकोट-मंडी हाईवे के पास नूरपुर में बस चालक को हार्ट अटैक के बाद बस पलट गई। कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं।
हिमाचल में एक निजी बस की पलटी ने सुबह के समय अफरातफरी मचा दी, और वजह बनी बस चालक को अचानक आया हार्ट अटैक।
यह घटना पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर नूरपुर के समीप न्याजपुर इलाके में रविवार सुबह हुई। बताया जा रहा है कि चंबा से बस ऊना के लिए निकली थी और करीब सुबह 11 बजे नूरपुर पहुंचने पर बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।
अधिकारियों और स्थानीय लोगों की जानकारी के मुताबिक, न्याजपुर शहर के तीखे मोड़ पर चालक मनजीत सिंह को अचानक सीने में दर्द उठा। इसके बाद वह बेहोश होकर खिड़की से नीचे गिर गए और उसी पल बस का नियंत्रण हाथ से चला गया, परिणामस्वरूप बस सड़क के बीचोंबीच पलट गई।
इस तरह के हादसों में सबसे बड़ा फर्क अक्सर समय पर राहत पहुंचाने और मौके पर प्रबंधन से पड़ता है। नूरपुर में लोगों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया ने गंभीर स्थिति को बढ़ने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। बस में फंसे घायल सवारियों को बाहर निकालकर नूरपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बस में कुल 25 घायल सवारियों के उपचार की बात सामने आई है। चालक सहित तीन लोगों की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
नूरपुर सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. सतीश पॉल ने बताया कि 28 घायलों में से 3 को गंभीरावस्था में प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रैफर किया गया। शेष घायलों का नूरपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है और उन्हें फिलहाल अगले 24 घंटों तक चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।
इस संदर्भ में राहत यह भी रही कि चालक को हार्ट अटैक आने के बाद बस सड़क के पास ही पलटी, गहरी खाई में जाने की बजाय बीचोंबीच घटनास्थल पर रुकी। अगर स्थिति थोड़ी अलग होती, तो नुकसान और बढ़ सकता था।
एसडीएम अरुण शर्मा ने बताया कि गंभीर रूप से घायलों को प्रशासन की ओर से 5-5 हजार रुपये और मामूली घायलों को 2-2 हजार रुपये की राहत राशि दी गई। साथ ही अस्पताल में इलाज कर रहे घायलों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
दूसरी ओर, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हादसे के बाद यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे नूरपुर पुलिस ने तुरंत नियंत्रित करते हुए ट्रैफिक को डिफेंस रोड की ओर मोड़कर कुछ समय बाद बहाल किया।
यह घटना बताती है कि हाईवे के तीखे मोड़ों पर सुरक्षा सिर्फ वाहन और सड़क तक सीमित नहीं रहती, बल्कि चालक के स्वास्थ्य जैसे जोखिम कारक भी गंभीर असर डालते हैं। ऐसे मामलों में समय पर इलाज और समुचित राहत, आगे की जटिलताओं से बचाने में निर्णायक साबित होती है।