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तमिलनाडु में सीएम समेत डीएमके के 15 मंत्री पिछड़े, बंगाल में भाजपा का जश्न शुरू

मतगणना के रुझानों में तमिलनाडु में डीएमके को झटका दिखा, जबकि बंगाल में भाजपा मुख्यालय में जश्न का माहौल है।

तमिलनाडु में सीएम समेत डीएमके के 15 मंत्री पिछड़े, और वहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा के मुख्यालय में जश्न शुरू हो गया है। मतगणना के बीच उलटफेर और दावों के बीच शुरुआती रुझान राजनीतिक तस्वीर को तेजी से बदलते दिखा रहे हैं।

तमिलनाडु से जुड़े रुझानों में तीसरे राउंड की वोट गिनती के बाद सीएम स्टालिन समेत डीएमके सरकार के 15 मंत्री पीछे चल रहे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक सीएम स्टालिन कोलाथुर सीट से दो हजार से ज्यादा वोटों से पीछे बताए गए हैं, जबकि उनके बेटे और डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन भी चेपक-थिरुवल्लीकेनी सीट से पीछे चल रहे हैं। इसी तरह डीएमके के कई वरिष्ठ नेता भी रुझानों में पिछड़ते नजर आ रहे हैं।

इस तरह के शुरुआती झटके अक्सर उन समीकरणों को प्रभावित कर देते हैं जिन पर पार्टियां पहले से भरोसा जताती हैं। यही कारण है कि मतगणना के हर राउंड को राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

Meanwhile, पश्चिम बंगाल में माहौल पूरी तरह अलग रंग ले रहा है। कोलकाता में भाजपा मुख्यालय में जश्न की शुरुआत हो चुकी है और कार्यकर्ता इसे दिन के उजाले की तरह देखने की बात कर रहे हैं। सिलीगुड़ी जैसे क्षेत्रों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह से जुड़े दृश्य सामने आए हैं, जहां मतगणना केंद्रों के बाहर लोग खुशी जाहिर करते दिखे।

इस संदर्भ में यह समझना जरूरी है कि जश्न और उत्साह भी एक तरह का राजनीतिक संकेत बन जाते हैं, जो कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और समर्थन को भी दिखाता है।

इस बीच, बंगाल में काउंटिंग के दौरान आसनसोल में हंगामे की खबर भी आई है। बताया गया कि मतगणना के बीच कुछ लोगों ने शोर-शराबा किया और मारपीट तक की स्थिति बनी, जिसके बाद हालात काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी तरह बांकुरा में मतगणना केंद्र के बाहर भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के भिड़ने की बात सामने आई है, जहां पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की।

तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय में केरल विधानसभा चुनावों की गिनती के अंतिम चरण में यूडीएफ की बढ़त के साथ जश्न शुरू होने की तस्वीर दिखी। रुझानों में यूडीएफ करीब 96 सीटों पर आगे बताया गया है, जबकि वाम मोर्चा 41 और भाजपा 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। कांग्रेस मुख्यालय के भीतर प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ लगातार सीटों के रुझानों पर नजर बनाए रहे, और शुरुआती असहज स्थिति के बाद यूडीएफ की बढ़त मजबूत होने पर वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।

सियासी दलों के मुख्यालयों में इसी तरह की हलचल यह बताती है कि चुनावी परिणाम को लेकर धड़कनें कितनी तेज हैं। मतगणना का हर चरण आगे की कहानी तय करता है और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं उसी हिसाब से बदलती रहती हैं।

एक साथ कई राज्यों के रुझानों में भी गतिविधि देखी गई। असम में भाजपा के आगे बढ़ने की बात सामने आई है, जहां 12.30 बजे तक भाजपा 78 सीटों पर आगे और कांग्रेस 24 सीटों पर आगे बताई गई। वहीं पश्चिम बंगाल में टीएमसी 100 सीटों से नीचे और भाजपा की बढ़त की चर्चा भी रही। तमिलनाडु के साथ केरल और पुदुचेरी के रुझान भी लगातार अपडेट किए जा रहे हैं, जिससे यह साफ दिखता है कि परिणामों की दौड़ अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

अंत में यह दौर इसलिए भी अहम है क्योंकि शुरुआती बढ़तें और पिछड़तें केवल सीटों की गिनती नहीं, बल्कि गठबंधन और रणनीति के भविष्य का संकेत भी बनती हैं। Misryoum के मुताबिक आगे के राउंड इस कहानी को और साफ करेंगे कि कौन किस मोड़ पर टिकता है और कौन पलटाव करता है।