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होर्मुज पर ट्रंप का फाइनल राउंड: IRGC को देखते ही गोली मारने के आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना को सख्त आदेश जारी किए हैं। तनाव के बीच ट्रंप ने इसे 'टाइट सील' करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ‘होर्मुज पर ट्रंप का फाइनल राउंड’ शुरू कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत का पूरा इस्तेमाल करेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रंप के इस आक्रामक फैसले के बाद पूरी दुनिया की निगाहें इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर टिक गई हैं, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति की आशंका गहरा गई है।

सेना को सीधे और कड़े आदेश

ट्रंप ने अपनी अमेरिकी सेना को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं। होर्मुज में जारी तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना को अब यह अधिकार दे दिया गया है कि वे किसी भी दुश्मन गतिविधि, विशेष रूप से बारूदी सुरंगें (माइंस) बिछाने की कोशिश करने वाले IRGC सैनिकों को देखते ही गोली मार दें। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि समुद्र में किसी भी तरह की छेड़छाड़ को सीधे हमले के रूप में देखा जाएगा। इस आदेश ने ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव की संभावनाओं को कई गुना बढ़ा दिया है।

अंदरूनी कलह और ईरान की स्थिति

ईरान की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां के लोगों के लिए यह समझना मुश्किल है कि उनका वास्तविक नेतृत्व किसके हाथ में है। कट्टरपंथियों और नरमपंथियों के बीच चल रही सत्ता की खींचतान को उन्होंने ‘पागलपन’ करार दिया है। ट्रंप का मानना है कि कट्टरपंथियों को युद्ध के मैदान में करारी हार मिली है, जबकि नरमपंथी भी जनता का पूर्ण विश्वास नहीं जीत पा रहे हैं। यह आंतरिक अस्थिरता ईरान के लिए एक बड़े संकट के रूप में उभर रही है।

होर्मुज की नाकेबंदी और भविष्य की चुनौतियां

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका ने अब शक्ति प्रदर्शन का नया दौर शुरू किया है। ट्रंप के अनुसार, इस पूरे जलमार्ग पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है और उनकी अनुमति के बिना कोई भी जहाज आवाजाही नहीं कर सकता। इसे ‘टाइट सील’ करार दिया गया है। जब तक ईरान एक उचित परमाणु या रणनीतिक समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तब तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी।

यह स्थिति केवल दो देशों का टकराव नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। यदि यहां तनाव बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आना निश्चित है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति को लेकर चिंतित है क्योंकि किसी भी छोटी सी सैन्य भूल का परिणाम बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। मिस्त्रयूम के विश्लेषण के अनुसार, ट्रंप का यह कदम कूटनीति के बजाय दबाव बनाने की पुरानी रणनीति का हिस्सा है, जिसे वे ‘मैक्सिमम प्रेशर’ कहते हैं।