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बरगी बांध हादसा: बरमूडा ट्रायंगल जैसी स्थिति से पलटा क्रूज

बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना पर कमांडर निगम ने चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसे उन्होंने प्रकृति की दुर्लभ स्थिति बताया।

बरगी बांध की शांत लहरों के बीच एक ऐसी प्राकृतिक घटना घटी, जिसने क्रूज को खिलौने की तरह पलट दिया।

कमांडर निगम के अनुसार, हादसे के समय पानी में दो विपरीत दिशाओं की लहरों का एक ऐसा चक्र बना जिसने जहाज का संतुलन बिगाड़ दिया। एक लहर नीचे की ओर दबाव डाल रही थी, जबकि दूसरी ने जहाज के निचले हिस्से को अचानक ऊपर की ओर धकेल दिया। इस दौरान चली 50 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज आंधी ने स्थिति को और भी घातक बना दिया।

यह समझना जरूरी है कि प्राकृतिक आपदाएं कभी-कभी ऐसी अनपेक्षित परिस्थितियां पैदा कर देती हैं, जिनके सामने आधुनिक इंजीनियरिंग भी बेबस हो जाती है।

इस क्रूज को तकनीकी रूप से काफी मजबूत माना जाता था। इसमें जॉन डियर का 4-स्ट्रोक इंजन लगा था और इसे साल 2006 में हैदराबाद बोट बिल्डर्स से 90 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया था। नियमित मेंटेनेंस और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का दावा भी प्रबंधन द्वारा किया गया है।

कमांडर निगम ने इसे ‘बरमूडा ट्रायंगल जैसी दुर्लभ स्थिति’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन करने के बावजूद, जब प्रकृति की तीनों शक्तियां—हवा, लहर और दबाव—एक साथ मिलती हैं, तो दुर्घटनाओं को रोक पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

फिलहाल प्रशासन ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश करेगी कि क्या इसे केवल एक प्राकृतिक संयोग माना जाए या सुरक्षा के किसी पहलू में चूक रह गई थी।

सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्राकृतिक शक्तियों का अनियंत्रित संयोग यह बताता है कि जल यात्राओं में सुरक्षा मानकों का लगातार अपग्रेड होना क्यों आवश्यक है।