IPL 2026: डगआउट में मोबाइल का इस्तेमाल, राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर पर उठे सवाल

गुवाहाटी में आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच चल रहा था, शोर इतना था कि कानों में गूंज सी हो रही थी, तभी किसी का ध्यान उस तरफ गया। राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में बैठे थे और उनके हाथों में स्मार्टफोन था। वो युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ वहां मौजूद थे—अरे, दरअसल वहां कुछ फुसफुसाहट चल रही थी—और तभी यह तस्वीर वायरल हो गई। Misryoum के पास आई जानकारी के अनुसार, बीसीसीआई की एसीएसयू यूनिट ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है।
नियम साफ हैं, एकदम पत्थर की लकीर जैसे। प्लेयर एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) में मोबाइल ले जाना तो दूर, डगआउट के अंदर इसका इस्तेमाल करना सख्त मना है। टीम मैनेजरों को विशेष परिस्थितियों में बाहर फोन इस्तेमाल करने की अनुमति है, पर डगआउट? वहां तो फोन का कोई काम ही नहीं है।
शायद कुछ लोग कहेंगे कि यह मामूली बात है। लेकिन आईपीएल के कड़े प्रोटोकॉल के आगे मामूली कुछ नहीं होता।
अब एक नया मोड़ आया है। सुनने में आ रहा है कि रोमी भिंडर की तबीयत पिछले कुछ महीनों में काफी खराब रही थी, उन्हें वेंटिलेशन सपोर्ट पर भी रखा गया था। तो क्या फोन का इस्तेमाल किसी इमरजेंसी की वजह से हुआ? Misryoum को बताया गया है कि टीम के अंदर एक खेमा इस बात पर जोर दे रहा है, लेकिन बीसीसीआई में बहुत से लोग इस तर्क से संतुष्ट नहीं हैं। नियम तो नियम हैं, भले ही वजह जो भी रही हो। या फिर, शायद यह कोई मेडिकल वजह ही थी? मामला अभी भी उलझा हुआ है।
विवाद अपनी जगह है, लेकिन भिंडर की टीम में पकड़ कितनी मजबूत है, ये इसी से पता चलता है कि बवाल के अगले ही दिन, उप्पल स्टेडियम में जब राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद का मैच हुआ, तो वो टॉस के दौरान फिर दिखे। वैभव सूर्यवंशी के संरक्षक के तौर पर उनकी भूमिका टीम में काफी अहम है—शायद इतनी अहम कि मैनेजमेंट भी उन्हें दरकिनार नहीं कर सकता।
एसीएसयू ने जवाब तलब कर लिया है। अब गेंद बोर्ड के पाले में है। अगर वाकई नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो कार्रवाई तो होगी, पर कब और कितनी सख्त? यह देखने वाली बात है। तब तक, मैदान के अंदर फोन का इस्तेमाल किसी के लिए ‘आफत’ न बन जाए, बस यही चर्चा है हर तरफ।